Chandrayaan 3: चांद पर जल्द बन सकेंगी कॉलोनी,नासा ने बताया कैसे?

भारत स्पेस एजेंसी इसरो द्वारा तैयार किया गया Chandrayaan 3 अब चंद की सतह पर उतरने वाला है इसको लेकर विश्व भर में इसकी काफी प्रशंसा की जा रही हैसाथ ही यह Chandrayaan 3 मिशन विश्व भर के वैज्ञानिकों के लिए एक नई उपलब्धि प्राप्त करेगा।

नासा के पूर्व अधिकारी ने कहा है कि Chandrayaan 3 मिशन बहुत महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाना में मददगार साबित होगा ,जिससे विश्व भर के वैज्ञानिक चांद को समझ सकेंगे,उन्होंने आगे कहा कि मिशन सफल हो या ना हो लेकिन यह मिशन अपने आप में एक बहुत बड़ी सफलता साबित होगा।

Chandrayaan 3 :अब शुरू हुआ मुश्किल का दौर

Chandrayaan 3 भारत रचने वाला है इतिहास

अंतरिक्ष जगत में भारत हर साल एक नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है ,इसी के चलते भारत आज अपने चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर को आज शाम चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला है,पूरी दुनिया भारत के इस महत्वपूर्ण मिशन को live देख सकती है.

विश्व भर के वैज्ञानिक भारत के Chandrayaan 3 किस शॉप लैंडिंग का इंतजार कर रही है, इस क्रम में NASA के एक वैज्ञानिक अधिकारी ने कहा कि Chandrayaan 3  में महत्वपूर्ण आंकड़े इकट्ठे करने की अपार क्षमता है और यह चांद को समझने में हमारे लिए अहम भूमिका प्रदान करेगा.

Chandrayaan-3 का प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग हुआ विक्रम लैंडर

कैसे बना सकते हैं कॉलोनी?

रेड वायर स्पेस के मुख्य विकास अधिकारी माइक गोल्ड ने मंगलवार को कहा कि मिशन के आंकड़े संसाधनों का उपयोग करने कीक्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं इसके परिणाम स्वरुप चंद्रमापर हम घर बसा पाएंगे. माइक गोल्ड नासा के अंतरिक्षनीति और साझेदारी के पूर्व सहयोगी प्रशंसक रहे हैं.

पूर्व अधिकारी ने कहा है कि Chandrayaan 3 मिशन के महत्वपूर्ण आंकड़े हमें चांद को समझने में मददगार साबित होंगेइसकी मदद से हम यह आसानी से पता लगा पाएंगे कि किस जगह चांद पर लोगों को बसाया जा सकता है, उन्होंने आगे जोड़ देकर कहा कि मिशन सफल हो याना हो लेकिन यह अपने आप में बहुत बड़ी सफलता साबित होगा।

किस जगह पर होगी सॉफ्ट लैंडिंग?

इसको द्वारा 2019 में छोड़े गए Chandrayaan 2  की असफल होने से सबक लिया ,इसको लेकर चंद्रयान-3 में व्यापक बदलाव किए गए हैं,चंद्रयान-2 के उतरने के लिए जितना क्षेत्र निर्धारित किया गया था और उससे काफी इजाफा कर दिया गया है, लैंडिंग के लिए लगभग 10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र तय किया गया है अगर लैंडिंग के लिए एक जगह सही नहीं पाई जाती,  तो लैंडर को फिर दूसरी जगह उतर जाएगा।

अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो के द्वारा Chandrayaan 3  23 अगस्त की शाम को चांद की सतह पर उतर जाएगा प्रेक्षक के 22 दिन बाद चंद्रयान टीम की चांद की सतह पर शॉप लेंडिंग कराई जाएगी इसके साथ ही भारत अब विश्व भर में इतिहास रच देगा और ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा अगर बात करें चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग करने में तब भारत पहला देश बनने वाला है

को बता दे कि इसरो ने लैंडिंग से पहले पूरी तैयारी कर ली है अंतरिक्ष वैज्ञानिक की टीम ने इस बार शॉप लैंडिंग के दौरान लास्ट मिनटऔर टेरर की जोखिम को लगभग खत्म कर दिया.लैंडिंग के वक्त वे सभी विकल्प मौजूद रहेंगे .

Chandrayaan 3 मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरेगा. का लैंडिंग की जगह चंद्रमा पर बिल्कुल ध्रुवीय क्षेत्र में नहीं है.Chandrayaan 3 मिशन के निर्धारित स्थल लगभग 68 डिग्री दक्षिणी अक्षांश है ,लेकिन यह अभी भी चंद्रमा पर किसी भी अन्य लैंडिंग की तुलना में दक्षिण में बहुतदूर है दक्षिण के सभी मिशन अभी तक भूमध्याय एक क्षेत्र में ही उतरे हैं इसकी मुख्य वजह है कि इस क्षेत्र में सबसे अधिक धूप प्राप्त होती।

अंतिम समय में बदली जा सकती है लैंडिंग की लोकेशन!

इसरो ने कहा है कि विक्रम लैंडर के लैंडिंग से पहले अनुकूल स्थितियों को पहचाना जाएगा लैंडिंग के लिए निर्धारित समय से लगभगठीक तो घंटे पहले यह को उतारने तथा उतरने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा इसरो के वैज्ञानिक निलेश और देसाई के मुताबिक अगरचंद्रयान-3 को 23 अगस्त को लैंड नहीं कराया जाता है तो फिर इसे 27 अगस्त को भी चांद पर उतर जा सकता है

इसरो के पूर्व निदेशक डॉक्टर के जीवन के अनुसार पिछली बार लैंडिंग प्रक्रिया के बाद हमने डाटा देखा था उसके आधार पर हमनेसुधारात्मक उपाय किएजहां भी मार्जिन कम है हमने उसे मार्जन को बढ़ाया चंद्रयान-2 से हमने बहुत कुछ सीख उसके आधार पर चाद्यान्न3 के सिस्टम को बहुत अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाया।

 

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