Nipah Virus का देश में बड़ा का खतरा, स्कूल कॉलेज 17 तक बंद

Nipah Virus कोरोना की तरह ही अब Nipah Virus तेजी से फैल रहा है, अब तक इससे कई लोगों की जान जा चुकी है ।आपको बता दें कि यह Nipah Virus  जानवरों से इंसान में फैलता है अभी तक के शोध से यह पता चला है कि निपाह वायरस चमगादड़ या फिर सूअर के जरिए इंसानों में आ सकता है। डरने की बात यह है कि निपाह वायरस से संक्रमित एक व्यक्ति कई अन्य व्यक्तियों को संक्रमित कर सकता है। इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि निपाह वायरस क्या है? Nipah Virus kya hai और यह कैसे फैलता है?

Nipah Virus  के केस केरल के कोझिकोड में लगातार सामने आ रहे हैं, ऐसे में सावधानी के तौर पर राज्य सरकार ने 17 सितंबर तक स्कूल कॉलेज को बंद कर दिया गया है स्कूल और कॉलेज 17 सितंबर तक बंद रहेंगे। केरल के कोझीकोड में दो दिन पहले ही निपाह वायरस से दो व्यक्तियों की मौत हो चुकी थी।

एक 12 साल के बच्चे ने निपाह वायरस से संक्रमित होने के बाद दम तोड़ दिया है। यह वायरस मलेशिया, सिंगापुर और बांग्लादेश में अपना कहर इससे पहले भी दिखा चुका है, अब भारत में भी इस वायरस से मौतों की पुष्टि हुई है,केरल राज्य सरकार ने जानकारी दी है कि जिस इलाके में 12 वर्षीय बच्चे की मौत Nipah Virus से हुई है, वहां पर 3 किलोमीटर के दायरे तक अभी लॉकडाउन लगा दिया गया है वही अभी के लिए सरकार ने निपाह वायरस के केरल में 188 प्राइमरी कांटेक्ट भी ढूंढ निकाले हैं।

आपको बता दें कि यह अवकाश आंगनवाड़ी, मदरसा ट्यूशन केंद्र और शैक्षिक संस्थानों में घोषित किए गए हैं, इससे पहले भी 14 और 15 सितंबर को सावधानी के लिए छुट्टी घोषित की गई थी।  कोझीकोड के कलेक्टर ने कहा है कि इन छुट्टियों को जश्न के मौके के तौर पर नहीं लेना चाहिए अनावश्यक की यात्राओं से बचें सावधानी से ही बचाव संभव है इस बीच केंद्र सरकार की ओर से टीम जायजा लेने के लिए केरल के कोच्चि कोड पहुंच गई है।

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राज्य की स्वास्थ्य मंत्री बिना जॉर्ज ने कहा है कि इस मामले में एक उच्च स्तरीय बैठक की गई है और स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव ने केंद्र की ओर से भेजे गए अधिकारियों के साथ बैठक की साथ ही उन्होंने कहा कि इस बैठक में 30 अगस्त को Nipah Virus से मारे गए व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोगों के भी सैंपल लेने का फैसला लिया गया है। 14 लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है निजी अस्पतालों में भी कुछ मरीजों को हमने आइसोलेट किया है इनमें से 11 में निपाह वायरस के लक्षण पाए गए हैं इसलिए उनके सैंपल लेकर लैब भेजे जा रहे हैं। 

Nipah Virus क्या है?

Nipah Virus  एक प्रकार का नया वायरस है जो कि जानवरों के जरिए इंसानों में क्या जाता है, इस भारत का सबसे पहला केस मलेशिया में पाया गया था, जिसके बाद सिंगापुर और बांग्लादेश में भी इस वायरस के मामले दर्ज किए गए थे यह वायरस चंपारण और सूअर के जरिए इंसानों तक फैलता है।

यदि इस Nipah Virus से संक्रमित कोई भी सूअर या चमगादड़ किसी फल को खाता है, तो उस फल के जरिए भी निपाह वायरस इंसानों में फैल सकता है, यदि किसी शख्स की निपाह वायरस की वजह से मौत हो जाती है, तो उस परिवार के अन्य सदस्य को भी Nipah Virus  का खतरा बढ़ जाता है ऐसे में किसी भी निपाह वायरस से संक्रमित व्यक्ति का अंतिम संस्कार करते समय सावधानी बरतनी होगी।

Nipah Virus संक्रमित व्यक्ति में इसके क्या लक्षण पाए जाते ?

यदि कोई व्यक्ति Nipah Virus  से संक्रमित हो जाता है तो उसके शरीर में कई तरह की तकलीफ होने लगती हैं जैसे उसे तेज बुखार, सिर दर्द, सा मुझ, गले में खराश, निमोनिया जैसे कई लक्षण दिखाई देते हैं वही अगर स्थिति ज्यादा गंभीर रही तो इंसान इंसेफलाइटिस का भी शिकार हो सकता है और वह 24:00 से 36 घंटों में कोमा में जा सकता है। 

 इस वायरस के लक्षण दिखने में कम से कम 14 से 15 दिन लग जाते हैं जो कि एक बहुत खतरनाक सिद्ध हो सकता है कुछ मामलों में देखा जाए तो इस वायरस के लक्षण  संक्रमित होने के 45 दिनों बात तक दिख रहे हैं यह इस बारिश का सबसे खतरनाक पहलू है क्योंकि आपको पता भी नहीं चलेगा और आप कई लोगों को इस बारे से संक्रमित कर देंगे कुछ मामले ऐसे भी हो सकते हैं जहां पर व्यक्ति ने पास से संक्रमित हो लेकिन उसमें कोई लक्षण दिखाई ना पड़े।

कैसे पता करें Nipah Virus का संक्रमण?

यदि किसी व्यक्ति को शक होता है कि उसे कहीं निपाह वायरस का संक्रमण तो नहीं तो उसे इसका एक RT-PCR  टेस्ट करवाया जा सकता है या इसके अलावाPCR, सिरम न्यूट्रलाइजेशन टेस्ट और एलाइजा टेस्ट के जरिए भी निपाह वायरस की पहचान की जा सकती है।

क्या है इलाज?

Nipah Virus का वर्तमान में किसी प्रकार का कोई इलाज नहीं है। RIBAVIRIN ड्रग को एक बार के लिए निपाह वायरस के खिलाफ असरदार माना गया है लेकिन अभी तक इस व्रत को भी सिर्फ लेबोरेटरी में टेस्ट किया गया है इंसानों पर इसका कितना असर होगा यह साफ नहीं है।

 

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