vastu shastra :धनवान बना सकती है ये आठ दिशाये,जाने कैसे?

vastu shastra :भारतीय पोराणिक कथायों में हमेशा से ही दिशाओं का महत्व बताया गया है, यदि हम इन दिशाओं का सही से use करें तो इसका अच्छा परिणाम देखने को मिलेगा।धनवान बनने की इच्छा हर किसी की होती है ,अपनी इस इच्छा को आप आठ दिशाओं को व्यवस्थित करके पूरा कर सकते है । सनातन धर्म में वास्तु शास्त्र के बारे में बताया है ,दिशाओं के ज्ञान को ही वास्तु कहते है। वास्तुशास्त्र के अनुसार यदि कोई अपना घर या ऑफिस का इंटीरियर डिज़ाइन करवाता है तो उसके घर में ख़ुशहाली और समृद्धि आती है।

इसके विपरीत यदि आप घर का इंटीरियर ग़लत दिशा में बनवाते है तो उससे परिवार में किसी न किसी तरह की हनी या घर के अंदर नेगेटिव ऊर्जा देखने को मिलेगी। ये सब वास्तु शास्त्र के अनुसार मना जाता है ।ये दिशाये पंचतत्वों की होती है । वास्तु शास्त्र में आठ दिशाएँ महत्वपूर्ण होती है ,यदि आप इन आठ दिशाओं के अनुसार अपना घर या कोई कार्य करते है तो आपको यह काफ़ी लाभ पहुँचेगा।तो आइये जानते है वास्तु कि इन आठ दिशाओं के बारे में ।

किस दिशा से क्या होगा लाभ

उत्तर दिशा

उत्तर दिशा को आप अपने नए अफसर को उत्पन्न करने में सहायता प्रदान कर सकते हैं इसके संतुलित होने पर कभी भी धन का अभावनहीं होता रोजगार को स्थापित करने के इच्छुक लोगों को इस दिशा में सहन कक्षा बनाना चाहिए.

वैज्ञानिक दृष्टि में उत्तर दिशा उत्तम मानी जाती है क्योंकि पृथ्वी का विद्युत चुंबकीय शक्ति केंद्र इसी दिशा में संक्रमित होता है, प्रातःकाल में सूर्य की करने में स्थित पराबैंगनी किरणों का प्रभाव उत्तर दिशा में सर्वाधिकपड़ता है इसलिए उत्तर दिशा में ज्यादा से ज्यादाखली और नीची जगह होना अच्छा माना जाता है. उत्तर दिशा में प्रवेश द्वार, दीवान खाना, स्नान घर रिक्त स्थान छोटे बच्चों या वृद्धव्यक्तियों का सनकक्ष पैसे की तिजोरी भूमिगत पानी की टंकी इत्यादिलगाने से लाभदायक परिणाम प्राप्त होते हैं.

वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर की दिशा को भगवान कुबेर और मां लक्ष्मी की दिशा माना जाता है ,इसलिए उत्तर दिशा सबसे शुभ दिशामानी जाती है .उत्तर दिशा में तिजोरी को रखना बहुत ही शुभ माना जाता है इससे घर में हमेशा मां लक्ष्मी का वास बना रहता है घर मेंसुख शांति के लिए उत्तर दिशा में तुलसी का पौधा अवश्य रखें, मनी प्लांट लगाना भी इस दिशा में शुभ माना जाता है.

पूर्व दिशा

सामाजिक संपर्क बनाने में सुदन करने में इस दिशा का विशेष महत्व है, घर में ड्राइंग रूम बनाकर वह पेड़ पौधे लगाकर एक दिशा कोमजबूती दी जाती है. पूर्व दिशा में निर्मित मुख्य द्वार तथा अन्य द्वारा भी केवल पूर्व की हो तो यह दिशा का परिणाम शुभ होता है वास्तुसिद्धांत कहता है कि घर की कुल दिशा में स्थित दीवार कितने कम उनकी होते हैं कि भवन के मालिक को यह प्रतिष्ठा मान सम्मान प्राप्तहोगा ऐसे मकानों में रहने वाले लोगों को बीमारी नहीं होती है

पश्चिम दिशा

सभी प्रकार के लोगों में प्राप्तियां का क्षेत्र है यहां पर सेंड कक्षा में भोजन कक्ष बनाने से लाभ की प्रति बढ़ती है, इस दिशा की भूमि कातुलनात्मक रूप से ऊंचा होना गृह स्वामी की सफलता में प्रीति के लिए शुभ संकेत होता है आपका रसोई घर पर टॉयलेट इस दिशा मेंहोना चाहिए

दक्षिण दिशा

यह दिशा नई पहचान प्रसिद्ध में सामाजिक प्रतिष्ठा प्रदान करके आर्थिक लाभ प्रदान करने में सहायता देती है एक दिशा में सनकक्ष होनेसे तनाव से मुक्ति गए मानसिक शांति प्राप्त होती है, इस दिशा की भूमि भी तुलनात्मक रूप से ऊंची होनी चाहिए इस दिशा की भूमि परबाहर रखने से ग्रह स्वामी सुखी समृद्ध निरोगी होता है धन को भी इसी दिशा में रखने पर नौकरी होती है दक्षिण दिशा में किसी भीप्रकार का खुलापन शौचालय आदि नहीं होना चाहिए.

उत्तर पूर्व

उत्तर पूर्व दिशा को सभी दिशाओं में सबसे अच्छा माना जाता है।उत्तर पूर्व दिशा में पूजा घर होने से घर में रहने वाले सभी को ईश्वर की कृपा कि प्राप्ति होती है।इस दिशा को ईशान के नाम से भी जाना जाता है । यह दिशा जल की दिशा होती है।इस दिशा में पूजा घर के अलावा बोरिंग,स्विमिंगपुल आदि होने चाहिए ,यदि आपके घर का मुख्य द्वार उत्तर पूर्व दिशा में है तो वास्तु के अनुसार यह बेहद शुभ माना जाता है।

दक्षिण पूर्व

दक्षिण पूर्व दिशा नगद धन के आगमन के लिए बहुत शुभ माना जाता है यदि आप की कोई दुकान या कारोबार है तो आपको दक्षिण पूर्व दिशा में अपने रुपए रखने चाहिए।इस दिशा में रसोई घर बनवाना चाहिए,क्योंकि इस दिशा को अग्नि की दिशा भी कहते है।

उत्तर पश्चिम

इस दिशा को वायव्य दिशा भी कहते है ।उत्तर पश्चिम दिशा की ऊर्जा भविष्य के लिए सहयोग व सहायता को संरक्षित करने में सहायक होता है ।इस दिशा में भंडार कक्ष बनवाना चाहिए,जिससे लोगो को वांछित सहयोग प्राप्त होता है।

दक्षिण पश्चिम

इस दिशा को नैऋत्य दिशा भी कहा जाता है ।इस दिशा में आप अपनी डिग्री अवार्ड और सभी सर्टिफिकेट रखकर अपने कौशल से धनआगमन के प्रभाव को सुनिश्चित कर सकते हैं. इस दिशा में किसी भी प्रकार के खिड़की दरवाजे बिल्कुल भी नहीं होने चाहिएगृह स्वामीका कमरा इस दिशा में होना चाहिए कैश काउंटर मशीन आदि आप इस दिशा में रख सकते हैं। इस स्थान को ऊंचा और भाई रखनाचाहिए साथ ही इस स्थान पर जल का कोई स्थान नहीं होना चाहिए.

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